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करो या मरो मैच की तैयारी
चेपॉक में ओस कम करने अमेरिकी केमिकल का किया गया उपयोग
भारत-जिम्बाब्वे अहम मुकाबले से पहले चेपॉक मैदान पर ओस कम करने के लिए खास केमिकल इस्तेमाल
26 Feb 2026, 01:24 PM
Tamil Nadu
-
Chennai
Reporter :
Mahesh Sharma
Chennai
आईसीसी टी20 विश्व कप के तहत भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इस महत्वपूर्ण मैच से पहले चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में मैदान की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मुकाबले को ‘करो या मरो’ की स्थिति वाला बताया जा रहा है, इसलिए किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्राकृतिक बाधा से बचने के लिए क्रिकेट संघ ने खास कदम उठाए हैं।
मैदान पर शाम के समय ओस का प्रभाव कम करने के उद्देश्य से एक विशेष रसायन का छिड़काव किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह रसायन अमेरिका से मंगाया गया है और इसे पानी में मिलाकर आउटफील्ड पर स्प्रे किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैच के दौरान गेंदबाजों और फील्डरों को ओस के कारण कोई परेशानी न हो और खेल संतुलित बना रहे।
ग्राउंड स्टाफ ने पिछले दो दिनों से लगातार इस रसायन का छिड़काव किया है। अधिकारियों के अनुसार मैच से पहले एक बार फिर मैदान पर स्प्रे करने की योजना बनाई गई है ताकि आउटफील्ड सूखी और खेलने के लिए उपयुक्त बनी रहे। आमतौर पर चेन्नई के मैदान पर रात के समय नमी बढ़ने से गेंद फिसलने लगती है, जिससे फील्डिंग और गेंदबाजी प्रभावित होती है।
टीम इंडिया ने भी मैच से पहले लंबे समय तक अभ्यास किया और मैदान की स्थिति का जायजा लिया। टीम प्रबंधन को मैदान की मौजूदा स्थिति संतोषजनक लगी है और खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र के दौरान ओस की संभावित स्थिति का भी परीक्षण किया। माना जा रहा है कि बेहतर आउटफील्ड से मैच में प्रतिस्पर्धा और रोमांच बढ़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों में भी इसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। भविष्य में बड़े टूर्नामेंट और आईपीएल जैसे आयोजनों में भी इस तरह के उपाय अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग मैच की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक होता है। यदि मैदान की स्थिति संतुलित रहती है तो दोनों टीमों को बराबरी का अवसर मिलेगा और दर्शकों को भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
इस अहम मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह है और सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि मैदान पर की गई विशेष तैयारियां मैच के परिणाम पर कितना असर डालती हैं।
मैदान पर शाम के समय ओस का प्रभाव कम करने के उद्देश्य से एक विशेष रसायन का छिड़काव किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह रसायन अमेरिका से मंगाया गया है और इसे पानी में मिलाकर आउटफील्ड पर स्प्रे किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैच के दौरान गेंदबाजों और फील्डरों को ओस के कारण कोई परेशानी न हो और खेल संतुलित बना रहे।
ग्राउंड स्टाफ ने पिछले दो दिनों से लगातार इस रसायन का छिड़काव किया है। अधिकारियों के अनुसार मैच से पहले एक बार फिर मैदान पर स्प्रे करने की योजना बनाई गई है ताकि आउटफील्ड सूखी और खेलने के लिए उपयुक्त बनी रहे। आमतौर पर चेन्नई के मैदान पर रात के समय नमी बढ़ने से गेंद फिसलने लगती है, जिससे फील्डिंग और गेंदबाजी प्रभावित होती है।
टीम इंडिया ने भी मैच से पहले लंबे समय तक अभ्यास किया और मैदान की स्थिति का जायजा लिया। टीम प्रबंधन को मैदान की मौजूदा स्थिति संतोषजनक लगी है और खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र के दौरान ओस की संभावित स्थिति का भी परीक्षण किया। माना जा रहा है कि बेहतर आउटफील्ड से मैच में प्रतिस्पर्धा और रोमांच बढ़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों में भी इसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। भविष्य में बड़े टूर्नामेंट और आईपीएल जैसे आयोजनों में भी इस तरह के उपाय अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग मैच की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक होता है। यदि मैदान की स्थिति संतुलित रहती है तो दोनों टीमों को बराबरी का अवसर मिलेगा और दर्शकों को भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
इस अहम मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह है और सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि मैदान पर की गई विशेष तैयारियां मैच के परिणाम पर कितना असर डालती हैं।
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