Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
छिपे चार्ज पर सख्ती
बैंकों को जुलाई तक डार्क पैटर्न हटाने का निर्देश जारी
RBI का सख्त निर्देश बैंक ऐप्स से छिपे शुल्क और भ्रामक डिजिटल ट्रिक्स हटाने के आदेश
25 Feb 2026, 05:09 PM Maharashtra - Mumbai
Reporter : Mahesh Sharma
Mumbai भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने वाली भ्रामक तकनीकों को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंक अपने मोबाइल ऐप और वेबसाइटों पर किसी भी प्रकार के छिपे हुए शुल्क, भ्रमित करने वाले ऑफर या ग्राहक को मजबूर करने वाली डिजिटल ट्रिक्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

RBI ने "Responsible Business Conduct Amendment Directions, 2026" के मसौदे में कहा है कि डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। कई बार देखा गया है कि बैंकिंग ऐप्स पर अतिरिक्त सेवाओं या बीमा योजनाओं को खरीदने के लिए ग्राहकों को बार-बार नोटिफिकेशन भेजे जाते हैं। इन सेवाओं को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि ग्राहक अनजाने में उन्हें स्वीकार कर लेते हैं और बाद में अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।

केंद्रीय बैंक ने ऐसे तरीकों को "डार्क पैटर्न" की श्रेणी में रखा है। डार्क पैटर्न वे डिजिटल डिजाइन तकनीकें हैं, जिनका उद्देश्य उपयोगकर्ता को भ्रमित करना या उसके निर्णय को प्रभावित करना होता है। उदाहरण के तौर पर, किसी सेवा को बंद करने का विकल्प छिपाना, अनावश्यक पॉप-अप दिखाना या पहले से चयनित विकल्प देना शामिल है।

RBI के अनुसार, बैंक यह सुनिश्चित करें कि ग्राहक को हर सेवा की स्पष्ट जानकारी दी जाए और कोई भी शुल्क पारदर्शी तरीके से दिखाया जाए। ग्राहकों को किसी सेवा के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और उन्हें आसानी से ऑप्ट-आउट करने का विकल्प उपलब्ध होना चाहिए।

नए नियमों के तहत बैंकों को जुलाई 2026 तक अपने सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से डार्क पैटर्न पूरी तरह हटाने होंगे। इसके साथ ही बैंकों को अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में भी आवश्यक बदलाव करने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें न आएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे ग्राहकों को अनावश्यक शुल्क और भ्रामक योजनाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

RBI के इस फैसले से लाखों बैंक ग्राहकों को फायदा होगा, क्योंकि अब बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते समय उन्हें किसी छिपे हुए शुल्क या गलत जानकारी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open

More News

thumb
कश्मीरी छात्रों के भोजन विवाद पर कार्रवाई, यूनिवर्सिटी प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल, वाइस चांसलर हटे
February 26, 2026
thumb
पाठ्यपुस्तक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, न्यायपालिका पर टिप्पणी को लेकर जवाबदेही तय होगी
February 26, 2026
thumb
विमान हादसे की जांच को लेकर बारामती थाने के बाहर धरने पर बैठे विधायक रोहित पवार
February 26, 2026
thumb
दो वर्षों में सड़कों से हटेंगे आवारा पशु, विधानसभा में सरकार ने दिया बड़ा भरोसा
February 26, 2026
thumb
न्‍यूजीलैंड की जीत से बदल गया दूसरे ग्रुप का समीकरण, पाकिस्‍तान अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकता
February 26, 2026
thumb
जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति में बदलाव, मद्रास हाईकोर्ट की जगह बॉम्बे हाईकोर्ट शामिल किया गया
February 26, 2026
thumb
कूनो में चीतों के भोजन पर भारी खर्च, रोजाना बकरी मांस पर हजारों रुपये खर्च
February 26, 2026
thumb
लखनऊ में बेटे ने पिता की हत्या की, सबूत मिटाने की कोशिश से खुला मामला
February 26, 2026
thumb
एआई सम्मेलन विवाद में चर्चित अधिकारी राहुल विक्रम, कई बड़े ऑपरेशन में निभा चुके अहम भूमिका
February 26, 2026
thumb
न्यायपालिका में भ्रष्टाचार अध्याय विवाद पर एनसीईआरटी ने मांगी माफी, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
February 26, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Open