Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
मैक्रों की भारत को सलाह
मैक्रों ने बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध की वकालत की
मैक्रों की सलाह पर बहस तेज क्या भारत में 15 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन संभव
20 Feb 2026, 10:55 AM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
New Delhi फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने हाल ही में एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को सुझाव दिया कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध पर विचार किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद भारत में डिजिटल नीति, बच्चों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

मैक्रों का तर्क है कि कम उम्र के बच्चों का मस्तिष्क अभी विकास की अवस्था में होता है और सोशल मीडिया के एल्गोरिदम उन्हें लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग की न्यूनतम आयु बढ़ाने या सख्त निगरानी की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

भारत में भी अभिभावकों के बीच यह चिंता लंबे समय से मौजूद है कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया की लत बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से नींद, पढ़ाई और पारिवारिक संवाद प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, संगठित रूप से अब तक देशव्यापी प्रतिबंध की मांग नहीं उठी है।

यदि भारत में 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू किया जाता है, तो कई व्यवहारिक और कानूनी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आयु सत्यापन कैसे किया जाएगा? वर्तमान में अधिकांश प्लेटफॉर्म केवल उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज की गई जानकारी पर निर्भर करते हैं। तकनीकी स्तर पर सख्त आयु जांच प्रणाली लागू करना जटिल और महंगा हो सकता है।

दूसरा महत्वपूर्ण पहलू भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 से जुड़ा है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। यदि व्यापक प्रतिबंध लगाया जाता है, तो यह कानूनी बहस का विषय बन सकता है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण प्रतिबंध के बजाय डिजिटल साक्षरता, पैरेंटल कंट्रोल और समय-सीमा जैसे विकल्प अधिक व्यवहारिक हो सकते हैं।

सरकार की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन डिजिटल सुरक्षा और डेटा संरक्षण को लेकर चर्चा तेज है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत फ्रांस के सुझाव को किस रूप में अपनाता है—पूर्ण प्रतिबंध, आंशिक नियंत्रण या जागरूकता अभियान के रूप में।

फिलहाल, यह मुद्दा बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती के रूप में सामने आया है।
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open

More News

thumb
इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का बड़ा रिकॉर्ड, 10 करोड़ फॉलोअर्स के साथ बने सबसे लोकप्रिय नेता
February 26, 2026
thumb
एआई सम्मेलन विवाद में चर्चित अधिकारी राहुल विक्रम, कई बड़े ऑपरेशन में निभा चुके अहम भूमिका
February 26, 2026
thumb
न्यायपालिका में भ्रष्टाचार अध्याय विवाद पर एनसीईआरटी ने मांगी माफी, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
February 26, 2026
thumb
जापान दौरे में मुख्यमंत्री योगी ने निवेशकों को आमंत्रित किया, औद्योगिक विकास योजनाएं बताईं विस्तार से
February 26, 2026
thumb
जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति में बदलाव, मद्रास हाईकोर्ट की जगह बॉम्बे हाईकोर्ट शामिल किया गया
February 26, 2026
thumb
कूनो में चीतों के भोजन पर भारी खर्च, रोजाना बकरी मांस पर हजारों रुपये खर्च
February 26, 2026
thumb
लखनऊ में बेटे ने पिता की हत्या की, सबूत मिटाने की कोशिश से खुला मामला
February 26, 2026
thumb
न्‍यूजीलैंड की जीत से बदल गया दूसरे ग्रुप का समीकरण, पाकिस्‍तान अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकता
February 26, 2026
thumb
पाठ्यपुस्तक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, न्यायपालिका पर टिप्पणी को लेकर जवाबदेही तय होगी
February 26, 2026
thumb
अग्रिम जमानत पर कल फैसला संभव, धार्मिक नेता की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई
February 26, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Open