Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
मकान में नमाज पर विवाद
पुराना समझौता टूटा, ग्रामीणों ने पलायन की चेतावनी दी
बरेली के मोहम्मदगंज गांव में मकान में नमाज पर विवाद, पलायन की चेतावनी से बढ़ा तनाव
17 Feb 2026, 11:18 AM
Uttar Pradesh
-
Bareilly
Reporter :
Mahesh Sharma
Bareilly
उत्तर प्रदेश के Bareilly जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदगंज गांव में एक निजी मकान में सामूहिक नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। 17 जनवरी को हसीन मियां के मकान में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा नमाज पढ़े जाने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का कहना है कि दशकों पहले गांव में आपसी सहमति से एक समझौता हुआ था, जिसके तहत शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखने की बात तय की गई थी। स्थानीय हिंदू समुदाय का आरोप है कि हालिया घटनाक्रम उस पुराने समझौते का उल्लंघन है और निजी मकान को नियमित रूप से नमाज स्थल के रूप में उपयोग करने की कोशिश की जा रही है।
विवाद बढ़ने पर कुछ ग्रामीणों ने गांव छोड़ने की चेतावनी दी है। रूपवती नामक एक महिला सहित कई लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वे अपनी संपत्ति बेचकर पलायन करने को मजबूर होंगे। उनका तर्क है कि नई परंपरा शुरू होने से भविष्य में और बड़े धार्मिक ढांचे के निर्माण की आशंका है, जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है।
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मकान निजी संपत्ति है और उसमें इबादत करना उनका संवैधानिक अधिकार है। उनका दावा है कि किसी स्थायी निर्माण या मस्जिद घोषित करने की प्रक्रिया नहीं चल रही, बल्कि केवल सामूहिक नमाज अदा की गई थी।
मामले ने तूल पकड़ा तो कुछ हिंदू संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए पहले से तय नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है और दोनों पक्षों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं है, लेकिन माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि दशकों पहले गांव में आपसी सहमति से एक समझौता हुआ था, जिसके तहत शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखने की बात तय की गई थी। स्थानीय हिंदू समुदाय का आरोप है कि हालिया घटनाक्रम उस पुराने समझौते का उल्लंघन है और निजी मकान को नियमित रूप से नमाज स्थल के रूप में उपयोग करने की कोशिश की जा रही है।
विवाद बढ़ने पर कुछ ग्रामीणों ने गांव छोड़ने की चेतावनी दी है। रूपवती नामक एक महिला सहित कई लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वे अपनी संपत्ति बेचकर पलायन करने को मजबूर होंगे। उनका तर्क है कि नई परंपरा शुरू होने से भविष्य में और बड़े धार्मिक ढांचे के निर्माण की आशंका है, जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है।
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मकान निजी संपत्ति है और उसमें इबादत करना उनका संवैधानिक अधिकार है। उनका दावा है कि किसी स्थायी निर्माण या मस्जिद घोषित करने की प्रक्रिया नहीं चल रही, बल्कि केवल सामूहिक नमाज अदा की गई थी।
मामले ने तूल पकड़ा तो कुछ हिंदू संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए पहले से तय नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है और दोनों पक्षों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं है, लेकिन माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की गई है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
More News
न्यूजीलैंड की जीत से बदल गया दूसरे ग्रुप का समीकरण, पाकिस्तान अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकता
February 26, 2026
लखनऊ में बेटे ने पिता की हत्या की, सबूत मिटाने की कोशिश से खुला मामला
February 26, 2026
कूनो में चीतों के भोजन पर भारी खर्च, रोजाना बकरी मांस पर हजारों रुपये खर्च
February 26, 2026
जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति में बदलाव, मद्रास हाईकोर्ट की जगह बॉम्बे हाईकोर्ट शामिल किया गया
February 26, 2026
पाठ्यपुस्तक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, न्यायपालिका पर टिप्पणी को लेकर जवाबदेही तय होगी
February 26, 2026
कश्मीरी छात्रों के भोजन विवाद पर कार्रवाई, यूनिवर्सिटी प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल, वाइस चांसलर हटे
February 26, 2026
दो वर्षों में सड़कों से हटेंगे आवारा पशु, विधानसभा में सरकार ने दिया बड़ा भरोसा
February 26, 2026
विमान हादसे की जांच को लेकर बारामती थाने के बाहर धरने पर बैठे विधायक रोहित पवार
February 26, 2026
राज्यसभा चुनाव में शरद पवार की दावेदारी से विपक्षी दलों की रणनीति उलझी नजर आ रही
February 26, 2026
10वीं परीक्षा के बीच छात्रा ने वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया, स्कूल में मची अफरातफरी
February 26, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…