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तंत्री गिरफ्तारी पर राजनीतिक विवाद
सबरीमाला मामले पर सदन में विपक्ष का जोरदार विरोध प्रदर्शन
सबरीमाला तंत्री गिरफ्तारी विवाद पर केरल विधानसभा में जोरदार हंगामा, विपक्ष ने किया वॉकआउट
23 Feb 2026, 05:33 PM
Kerala
-
Thiruvananthapuram
Reporter :
Mahesh Sharma
Thiruvananthapuram
सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी मामले में तंत्री की गिरफ्तारी को लेकर केरल की राजनीति में तीखा टकराव देखने को मिला। इस मुद्दे पर केरल विधानसभा के भीतर भारी हंगामा हुआ और विपक्ष ने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा कि धार्मिक पद पर बैठे व्यक्ति की गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकती है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने तंत्री की गिरफ्तारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में तंत्री को आरोपी बनाया गया और क्या जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उनका कहना था कि जांच एजेंसियां वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि धार्मिक पदाधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है।
विपक्ष के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में संबंधित मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि अदालत के आदेश और जांच की दिशा पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सबरीमाला से जुड़े इस विवाद के दौरान महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे को भी फिर से उठाया गया। विपक्षी नेताओं ने सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की और पूछा कि पहले जो हलफनामा दाखिल किया गया था, क्या सरकार अभी भी उसी नीति पर कायम है। उनका कहना था कि धार्मिक मामलों में सरकार की नीति अस्पष्ट दिखाई दे रही है।
सदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायक बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए। माहौल इतना गर्म हो गया कि कई बार कार्यवाही बाधित हुई। इसके जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी पलटवार करते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है।
सरकार की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है और कानून अपना काम कर रहा है।
लगातार हंगामे के बाद स्थिति सामान्य न होने पर विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस घटना के बाद सबरीमाला विवाद एक बार फिर राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर बहस तेज होने की संभावना है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने तंत्री की गिरफ्तारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में तंत्री को आरोपी बनाया गया और क्या जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उनका कहना था कि जांच एजेंसियां वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि धार्मिक पदाधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है।
विपक्ष के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में संबंधित मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि अदालत के आदेश और जांच की दिशा पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सबरीमाला से जुड़े इस विवाद के दौरान महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे को भी फिर से उठाया गया। विपक्षी नेताओं ने सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की और पूछा कि पहले जो हलफनामा दाखिल किया गया था, क्या सरकार अभी भी उसी नीति पर कायम है। उनका कहना था कि धार्मिक मामलों में सरकार की नीति अस्पष्ट दिखाई दे रही है।
सदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायक बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए। माहौल इतना गर्म हो गया कि कई बार कार्यवाही बाधित हुई। इसके जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी पलटवार करते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है।
सरकार की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है और कानून अपना काम कर रहा है।
लगातार हंगामे के बाद स्थिति सामान्य न होने पर विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस घटना के बाद सबरीमाला विवाद एक बार फिर राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर बहस तेज होने की संभावना है।
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