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डायरेक्टर का दौरा विवादित
शासन ने डायरेक्टर को सात दिन में जवाब देने को कहा
BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे पर प्रोटोकॉल विवाद, शोकॉज नोटिस जारी
25 Feb 2026, 01:39 PM
Uttar Pradesh
-
Prayagraj (Allahabad)
Reporter :
Mahesh Sharma
Prayagraj (Allahabad)
बीएसएनएल के डायरेक्टर विवेक बंजल के 19 फरवरी को प्रयागराज दौरे को लेकर प्रशासनिक विवाद गर्म हो गया है। उनके दौरे के दौरान बनाए गए प्रोटोकॉल का वीडियो और विवरण सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। वायरल प्रोटोकॉल में बताया गया कि डायरेक्टर के स्वागत और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष ड्यूटी पर तैनात किया गया था।
जानकारी के अनुसार, डीजीएम स्तर से जारी किए गए प्रोटोकॉल में डायरेक्टर विवेक बंजल की सुविधा और सुरक्षा के लिए विस्तृत इंतजाम किए गए थे। इसमें तौलिये से लेकर अंडरवियर तक उनके व्यक्तिगत उपयोग की चीजों का विशेष ध्यान रखा गया और कई अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस प्रोटोकॉल का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन और जनता में विवाद पैदा हो गया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डायरेक्टर विवेक बंजल के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें सात दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रोटोकॉल में जो व्यवस्था की गई थी, उसकी उचितता और जरूरत का मूल्यांकन नोटिस के जवाब के आधार पर किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब किसी सरकारी अधिकारी के दौरे पर इस तरह के विस्तृत प्रोटोकॉल की आलोचना हुई हो। हालांकि बीएसएनएल और संबंधित अधिकारी इसे सामान्य सुरक्षा और व्यवस्था मानते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई।
50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती ने भी विवाद को बढ़ावा दिया। सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर यह निर्णय केवल सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए लिया गया था, लेकिन नवाबी अंदाज के इंतजामों को लेकर कई लोगों ने आलोचना की।
शासन के अधिकारियों का कहना है कि शोकॉज नोटिस के जवाब आने के बाद जांच पूरी की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले से स्पष्ट होता है कि सरकारी दौरे और प्रोटोकॉल में पारदर्शिता की जरूरत है ताकि किसी भी तरह का विवाद उत्पन्न न हो।
इस घटना के बाद बीएसएनएल और सरकारी प्रशासन में चर्चा शुरू हो गई है कि भविष्य में इस तरह के प्रोटोकॉल को सीमित और औपचारिक रखा जाए। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और सुविधा महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसका स्तर सोशल मीडिया और जनता की उम्मीदों के अनुसार होना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, डीजीएम स्तर से जारी किए गए प्रोटोकॉल में डायरेक्टर विवेक बंजल की सुविधा और सुरक्षा के लिए विस्तृत इंतजाम किए गए थे। इसमें तौलिये से लेकर अंडरवियर तक उनके व्यक्तिगत उपयोग की चीजों का विशेष ध्यान रखा गया और कई अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस प्रोटोकॉल का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन और जनता में विवाद पैदा हो गया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डायरेक्टर विवेक बंजल के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें सात दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रोटोकॉल में जो व्यवस्था की गई थी, उसकी उचितता और जरूरत का मूल्यांकन नोटिस के जवाब के आधार पर किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब किसी सरकारी अधिकारी के दौरे पर इस तरह के विस्तृत प्रोटोकॉल की आलोचना हुई हो। हालांकि बीएसएनएल और संबंधित अधिकारी इसे सामान्य सुरक्षा और व्यवस्था मानते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई।
50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती ने भी विवाद को बढ़ावा दिया। सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर यह निर्णय केवल सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए लिया गया था, लेकिन नवाबी अंदाज के इंतजामों को लेकर कई लोगों ने आलोचना की।
शासन के अधिकारियों का कहना है कि शोकॉज नोटिस के जवाब आने के बाद जांच पूरी की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले से स्पष्ट होता है कि सरकारी दौरे और प्रोटोकॉल में पारदर्शिता की जरूरत है ताकि किसी भी तरह का विवाद उत्पन्न न हो।
इस घटना के बाद बीएसएनएल और सरकारी प्रशासन में चर्चा शुरू हो गई है कि भविष्य में इस तरह के प्रोटोकॉल को सीमित और औपचारिक रखा जाए। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और सुविधा महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसका स्तर सोशल मीडिया और जनता की उम्मीदों के अनुसार होना चाहिए।
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