Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
55 हजार करोड़ नुकसान
24 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज
चार वर्षों में ₹55,000 करोड़ की साइबर ठगी, शिकायतों में अभूतपूर्व उछाल: गृह मंत्रालय
13 Feb 2026, 03:46 PM
Delhi
-
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
New Delhi
देश में साइबर ठगी के मामलों में बीते कुछ वर्षों के दौरान तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Ministry of Home Affairs ने संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच साइबर अपराधियों ने कुल मिलाकर ₹55,000 करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम दिया।
गृह मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराधों के तौर-तरीकों में भी तेजी से बदलाव आया है। 2025 में ही ₹22,495 करोड़ की ठगी दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है। इसी वर्ष 24 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जो रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 में कुल 2,62,846 शिकायतें दर्ज हुई थीं। यह संख्या 2022 में बढ़कर 6,94,446 हो गई। 2023 में 13,10,357 और 2024 में 19,18,835 शिकायतें दर्ज की गईं। इस क्रमिक वृद्धि से साफ है कि साइबर अपराधों का दायरा लगातार फैल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, निवेश के नाम पर ठगी, लोन ऐप घोटाले और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया है। कई मामलों में अपराधी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं, जिससे जांच एजेंसियों के सामने चुनौती और बढ़ जाती है।
सरकार ने इन अपराधों से निपटने के लिए साइबर क्राइम पोर्टल को मजबूत करने, राज्यों में साइबर पुलिस स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और जागरूकता अभियानों को तेज करने की बात कही है। इसके अलावा बैंकों और डिजिटल भुगतान कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाकर संदिग्ध लेन-देन को तुरंत रोकने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि शिकायतों के त्वरित निपटारे और धन की रिकवरी के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म को उन्नत किया जा रहा है। हालांकि बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, संसद में पेश आंकड़े यह संकेत देते हैं कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक के साथ सुरक्षा उपायों को समान गति से आगे बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराधों के तौर-तरीकों में भी तेजी से बदलाव आया है। 2025 में ही ₹22,495 करोड़ की ठगी दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है। इसी वर्ष 24 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जो रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 में कुल 2,62,846 शिकायतें दर्ज हुई थीं। यह संख्या 2022 में बढ़कर 6,94,446 हो गई। 2023 में 13,10,357 और 2024 में 19,18,835 शिकायतें दर्ज की गईं। इस क्रमिक वृद्धि से साफ है कि साइबर अपराधों का दायरा लगातार फैल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, निवेश के नाम पर ठगी, लोन ऐप घोटाले और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया है। कई मामलों में अपराधी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं, जिससे जांच एजेंसियों के सामने चुनौती और बढ़ जाती है।
सरकार ने इन अपराधों से निपटने के लिए साइबर क्राइम पोर्टल को मजबूत करने, राज्यों में साइबर पुलिस स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और जागरूकता अभियानों को तेज करने की बात कही है। इसके अलावा बैंकों और डिजिटल भुगतान कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाकर संदिग्ध लेन-देन को तुरंत रोकने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि शिकायतों के त्वरित निपटारे और धन की रिकवरी के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म को उन्नत किया जा रहा है। हालांकि बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, संसद में पेश आंकड़े यह संकेत देते हैं कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक के साथ सुरक्षा उपायों को समान गति से आगे बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
More News
घर में कलर प्रिंटर से छाप रहे थे 500-500 के नोट, इन्हीं पैसों से 50 लाख लोन चुकता करने की थी तैयारी
February 25, 2026
जिम्बाब्वे मुकाबला टीम इंडिया के लिए करो या मरो, हार से सेमीफाइनल उम्मीदें खत्म
February 26, 2026
नेशनल हाईवे से जुड़े काम आसान राजमार्ग प्रवेश पोर्टल से मिलेगी ऑनलाइन मंजूरी सुविधा
February 26, 2026
जापान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को मिली महावीर प्रतिमा, सांस्कृतिक संबंधों का संदेश दिया गया
February 26, 2026
अग्रिम जमानत पर कल फैसला संभव, धार्मिक नेता की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई
February 26, 2026
होली पर यात्रियों को राहत रेलवे चलाएगा देशभर में हजारों अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन सेवाएं
February 26, 2026
इजरायल दौरे पर पीएम मोदी को लेकर राहुल गांधी का हमला, उठाए कई सवाल
February 26, 2026
जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति में बदलाव, मद्रास हाईकोर्ट की जगह बॉम्बे हाईकोर्ट शामिल किया गया
February 26, 2026
कूनो में चीतों के भोजन पर भारी खर्च, रोजाना बकरी मांस पर हजारों रुपये खर्च
February 26, 2026
लखनऊ में बेटे ने पिता की हत्या की, सबूत मिटाने की कोशिश से खुला मामला
February 26, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…