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ईरान पर अमेरिका तैयारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है
ईरान पर अमेरिका हमले की तैयारी, इजरायल ने F-22 जेट्स तैनात किए मिडिल ईस्ट बेसों पर
25 Feb 2026, 03:54 PM Central District - Elyakhin
Reporter : Mahesh Sharma
Elyakhin मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ संभावित हमले की तैयारी कर रहा है। इसी बीच इजरायल ने अपनी तैयारियों को मजबूत करने के लिए मिडिल ईस्ट में स्थित अपने बेसों पर F-22 रैप्टर फाइटर जेट तैनात किए हैं। अमेरिकी और इजरायली मीडिया के अनुसार लगभग 12 F-22 जेट्स तैनात किए गए हैं, जो दक्षिणी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने का कार्य करेंगे।

F-22 रैप्टर, लॉकहीड मार्टिन और बोइंग द्वारा निर्मित पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। यह दुनिया के सबसे उन्नत और खतरनाक एयर डिफेंस और एयर-ऑफेंस सिस्टम के साथ तैयार किया गया है। F-22 की विशेषता इसकी स्टेल्थ तकनीक है, जिससे यह जमीनी रडार और दुश्मन के सेंसर से छुपकर उड़ सकता है। इसमें एयर-टू-एयर मिसाइल AIM-120 AMRAAM और एयर-टू-ग्राउंड हथियार शामिल हैं, जिन्हें आंतरिक हथियार बे में छिपाकर रखा जाता है।

इस फाइटर जेट का पहला युद्धक इस्तेमाल 22 सितंबर 2014 को ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व में हुआ था। इस ऑपरेशन के तहत सीरिया और इराक में ISIS के ठिकानों पर हमला किया गया। तब से यह जेट अमेरिकी वायुसेना की मुख्य शक्ति बन गया है और अब इजरायल के हाथों में भी यह उन्नत क्षमता मौजूद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि F-22 की तैनाती इजरायल की हवाई ताकत को बढ़ाएगी और संभावित संघर्ष की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी। यह कदम अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देश ईरान के संभावित हमले के खिलाफ तैयारियां कर रहे हैं।

इजरायली रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जेट्स का उद्देश्य केवल डिटेरेंट और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, इन जेट्स की तैनाती इजरायल और अमेरिका की मध्य पूर्व में सामरिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भी है।

विश्लेषकों का कहना है कि F-22 रैप्टर की तैनाती से न केवल आकाशीय श्रेष्ठता सुनिश्चित होगी बल्कि संभावित संघर्ष में जमीन और हवाई लक्ष्यों पर प्रभावी हमला करने की क्षमता भी बढ़ेगी। यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस प्रकार, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच इजरायल की F-22 जेट्स की तैनाती मिडिल ईस्ट में सैन्य तैयारी और सामरिक संतुलन का महत्वपूर्ण संकेत है। यह न केवल हवाई सुरक्षा बढ़ाने का कदम है, बल्कि संभावित संघर्ष में त्वरित प्रतिक्रिया और सामरिक बढ़त सुनिश्चित करने का भी संकेत देता है।
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