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AI ऐप डेटा लीक
15 लाख फोटो, 3.85 लाख वीडियो, KYC डॉक्यूमेंट्स भी एक्सपोज़
AI ऐप्स ने डेटा लीक किया, 25 देशों में यूजर्स के KYC डॉक्यूमेंट्स भी खतरे में
23 Feb 2026, 03:15 PM Karnataka - Bangalore Rural
Reporter : Mahesh Sharma
Bangalore Rural तकनीकी दुनिया में एक बड़ा डेटा लीक मामला सामने आया है, जो स्मार्टफोन यूजर्स और उनके निजी डेटा के लिए चिंता का कारण बन गया है। फॉर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, दो AI ऐप्स — deo AI Art Generator & Maker और IDMerit — ने वैश्विक स्तर पर लगभग 25 देशों में उपयोग किए जाने के दौरान यूजर्स का संवेदनशील डेटा लीक कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऐप्स के डेवलपर वही हैं और दोनों ऐप्स में Google Cloud Storage बकेट को गलत तरीके से कॉन्फ़िगर किया गया था। इसी वजह से यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीरें, वीडियो और KYC डॉक्यूमेंट्स हैकर्स तक पहुंच गए। इस डेटा लीक ने लगभग 15 लाख फोटो और 3.85 लाख वीडियो को सार्वजनिक कर दिया, जिससे लाखों यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में आ गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला AI और क्लाउड सर्विसेज के सुरक्षित उपयोग के लिए चेतावनी की तरह है। अक्सर यूजर्स यह सोचते हैं कि ऐप्स में उनका डेटा सुरक्षित है, लेकिन कॉन्फ़िगरेशन की गलतियों के कारण यह डेटा हैकर्स के हाथ लग सकता है। deo AI Art Generator & Maker ऐप का उद्देश्य था कि यूजर्स अपनी फोटो और वीडियो से AI-आर्ट क्रिएट कर सकें, लेकिन सुरक्षा की कमी ने इसे जोखिमपूर्ण बना दिया।

दूसरे ऐप IDMerit के माध्यम से हैकर्स ने KYC डॉक्यूमेंट्स तक पहुंच बनाई। KYC डॉक्यूमेंट्स में आमतौर पर पासपोर्ट, पहचान पत्र और बैंक डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल होती है। इस तरह का डेटा अगर गलत हाथों में जाता है तो पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और ऑनलाइन फ्रॉड जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

रिसर्चरों ने बताया कि लीक के कारणों में मुख्य रूप से क्लाउड स्टोरेज के कमजोर सुरक्षा उपाय, बकेट्स की पब्लिक एक्सेस और ऐप डेवलपमेंट में सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी शामिल हैं। इस मामले ने दुनियाभर के AI ऐप डेवलपर्स और तकनीकी कंपनियों के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया है कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

फिलहाल, Google Play Store और संबंधित डेवलपर्स ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है और ऐप्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की घोषणा की है। यूजर्स को भी सलाह दी गई है कि वे अपने स्मार्टफोन में ऐप्स के अनुमति सेटिंग्स की समीक्षा करें और संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स को केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही साझा करें।

इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता उपयोग सुरक्षा खतरों के बिना नहीं हो सकता। यूजर्स को सावधान रहने और केवल भरोसेमंद ऐप्स का उपयोग करने की जरूरत है।
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